विधायक का 'रुद्र रूप': बलरामपुर में सुशासन तिहार के मंच से अफसरों को फटकार, बोलीं— "जनता का श्राप गुरूर तोड़ देता है"

विधायक का 'रुद्र रूप': बलरामपुर में सुशासन तिहार के मंच से अफसरों को फटकार, बोलीं— "जनता का श्राप गुरूर तोड़ देता है"

Reprimands Officials from the Sushasan Tihar Stage in Balrampur

Reprimands Officials from the 'Sushasan Tihar' Stage in Balrampur

बलरामपुर: Reprimands Officials from the 'Sushasan Tihar' Stage in Balrampur, छत्तीसगढ़ सरकार इन दिनों सुशासन तिहार अभियान चला रही है। सुशासन तिहार अभियान के तहत बलरामपुर जिले में एक अजीब मामला देखने को मिला। बीजेपी विधायक शकुंलता सिंह पोर्ते जनता का काम नहीं होने से अधिकारी पर भड़क गईं। जनता के काम लंबित रहने और फरियादियों को परेशान होने पर अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। विधायक ने कहा- परेशानी लेकर आने वाली जनता का अगर काम नहीं होता है तो वह श्राप देती है।

शकुंतला सिंह पोर्ते प्रतापपुर से विधायक हैं। उन्होंने मंच से अफसरों को नसीहत देते हुए कहा कि परेशान होकर आने वाले लोगों का काम करिए। विधायक ने कहा- पढ़-लिख लेने से कोई जनता से ऊपर नहीं हो जाता। आपके हाथ में कलम की ताकत है, लेकिन हमारे पास जनता की ताकत है। हम अपनी क्षमता के हिसाब से लोगों के लिए काम करते हैं।

योजनाओं का लाभ दिलाएं

विधायक शकुंतला पोर्ते ने अधिकारियों से कहा कि आप जिस पद पर बैठे हैं, उससे योजनाओं का लाभ दिला सकते हैं। दरअसल, वाड्रफनगर ब्लॉक में 8 मई को सुशासन तिहार का आयोजन किया गया था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को नसीहत दी। दरअसल, कई ग्रामीणों ने विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते से राजस्व मामलों के निपटारे में देरी और लापरवाही की शिकायत की थी।

ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं लेकिन इसके बाद भी काम नहीं होता है। जिसके बाद विधायक भड़क गई और अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा, सिर्फ परीक्षा पास कर लेने से कोई जनता से ऊपर नहीं हो जाता। जनता का श्राप बड़े-बड़े लोगों का गुरूर तोड़ देता है।

  • विधायक ने अधिकारियों को लगाई फटकार
  • कहा- पढ़ लिखकर अधिकारी बनते हैं आप लोग
  • विधायक ने कहा- आप लोग जनता का काम करिए
  • सुशाहन तिहार में कई ग्रामीणों ने की थी शिकायत

पढ़-लिखकर अधिकारी बनते हैं, जनता का काम करिए

विधायक ने नसीहत देते हुए कहा कि आप लोग पढ़ लिखकर एसडीएम, पटवारी और तहसीलदार बने हैं, इस पद के लिए आपने मेहनत की है लेकिन इस पद का गुरूर मत करिए। लोगों को दर्द समझिए और उनका काम करिए।